सरपंच के बाल विवाह रोकथाम के प्रयास ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान

सरपंच के बाल विवाह रोकथाम के प्रयास ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान
सूरजपुर

-बाल विवाह रोकथाम में मिसाल बने दुर्गापुर पंचायत के सरपंच, राष्ट्रीय मंच पर साझा किया अनुभव’

-नाबालिग विवाह रोकने के साथ ही उम्र हो गए बालिकाओं को प्रोत्साहन राशि देकर रच रहे नई पहल’


सूरजपुर/28 नवंबर 2024/

ग्राम पंचायत दुर्गापुर, जनपद प्रेमनगर के सरपंच श्री लाल सिंह श्याम ने अपने नवाचार और समाज सुधार के प्रयासों से राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है। उनके नेतृत्व में ग्राम पंचायत दुर्गापुर को बाल विवाह मुक्त पंचायत बनाने का अनूठा प्रयास किया गया, जिसकी गूंज अब पूरे देश में सुनाई दे रही है।  

ग्राम पंचायत दुर्गापुर, जनपद प्रेमनगर के सरपंच श्री लाल सिंह श्याम

27 नवंबर 2024 को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने राष्ट्रीय अभियान “बाल विवाह मुक्त भारत” का शुभारंभ किया। इस मौके पर महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में देशभर से बाल विवाह रोकथाम के लिए किए गए नवाचारों की कहानियां साझा की गईं। छत्तीसगढ़ राज्य से सूरजपुर जिले के दुर्गापुर पंचायत के सरपंच श्री लाल सिंह श्याम के नवाचार को इस कार्यक्रम में विशेष रूप से चयनित किया गया। पूरे देश में मात्र एक जनप्रतिनिधि को अपना अनुभव शेयर करने का मौका मिला जो एक गर्व का विषय है।

श्री लाल सिंह श्याम ने अपने पंचायत में बाल विवाह को रोकने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने गाँव के प्रमुख लोगों के साथ नियमित बैठक आयोजित कर विवाह योग्य बालक-बालिकाओं का पंजीयन सुनिश्चित किया। विवाह के लिए आवश्यक दस्तावेजों की जाँच की गई और यदि किसी बालक की उम्र 21 वर्ष से कम या बालिका की उम्र 18 वर्ष से कम पाई जाती थी, तो उनके परिवारों को समझाकर बाल विवाह रोकने का प्रयास किया गया। साथ ही, सही उम्र में विवाह के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से पंचायत की ओर से 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र की बालिका की शादी पर 2,000 रुपये प्रोत्साहन राशि दी जाती है।  

वर्ष 2023 और 2024 में अब तक 14 बालिकाओं को यह प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। इन प्रयासों ने पंचायत में सही उम्र में विवाह के प्रति जागरूकता बढ़ाई है और पूरे दुर्गापुर पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने में अहम भूमिका निभाई है।  

श्री लाल सिंह श्याम ने अपने इस नवाचार को सूरजपुर ज़िला एनआईसी कार्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राष्ट्रीय कार्यक्रम में प्रस्तुत किया। वह पूरे देश से शामिल जनप्रतिनिधियों में एकमात्र ऐसे प्रतिनिधि थे जिन्होंने अपने प्रयासों से यह उपलब्धि हासिल की। उनके इस कार्य की सराहना न केवल जिले में बल्कि पूरे देश में हो रही है।  

सूरजपुर जिले के कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने श्री लाल सिंह श्याम की प्रशंसा करते हुए अन्य पंचायतों को भी इस तरह के नवाचार करने के लिए प्रेरित किया। ज़िला कार्यक्रम अधिकारी श्री रमेश साहू और ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी श्री मनोज जायसवाल ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं।  

एक छोटे से गाँव की यह पहल न केवल पूरे जिले बल्कि पूरे देश के लिए प्रेरणादायक बन गई है। दुर्गापुर पंचायत के सरपंच श्री लाल सिंह श्याम ने यह साबित कर दिया कि सही सोच और प्रयास से बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। उनके इस प्रयास से दुर्गापुर पंचायत बाल विवाह मुक्त बनकर एक मिसाल बन गई है।

The News India 24

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *