सर्वाधिक आय देने वाले रेल्वे जोन मुख्यालय बिलासपुर में रेल मंत्री का पुतला जला

सर्वाधिक आय देने वाले रेल्वे जोन मुख्यालय बिलासपुर में रेल मंत्री का पुतला जला

  • लगातार यात्री गाड़ियों को ना चलाने के फैसले पर बढ़ा जन आक्रोश
  • छः माह से बिल्हा, करगी रोड जैसे छोटे स्टेशनों पर स्टॉपेज समाप्त का भी विरोध
  • छात्र युवा नागरिक रेल्वे जोन संघर्ष समिति ने केन्द्र सरकार की गलत नीतियों को दोष दिया पवन और सौर ऊर्जा को प्राथमिकता दे सरकार

बिलासपुर 24.05.2022/ लगातार तीसरे महीने बड़ी संख्या में एक्सप्रेस और पैसेंजर यात्री गाड़ियों को रद्द किये जाने का जन आक्रोश आज खुल कर सामने आया। दोपहर 12 बजे तय शुदा कार्यक्रम के तहत छात्र युवा नागरिक रेल्वे जोन संघर्ष समिति ने रेल मंत्री का पुतला जलाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। गौरतलब है कि कल ही रेल मंत्रालय द्वारा 34 यात्री गाड़ियों को न चलाने के फैसले एक माह के लिये बढ़ा दिया गया है। समिति ने कहा कि यह दुर्भाग्य है कि जिस कोयला परिवहन से रेल्वे को सर्वाधिक आय होती है, उसी कोयले के लिये छत्तीसगढ़ जैसे कोयला उत्पादक राज्य को यह दिन देखना पड़ रहा है।


विरोध प्रदर्शन में शामिल बिलासपुर शहर के महापौर रामशरणर यादव और किशोरी लाल गुप्ता ने कहा कि यदि गुजरात महाराष्ट्र और राजस्थान के पॉवर प्लॉट को कोयले की जरूरत थी तो फिर इसकी व्यवस्था समय रहते करने की जिम्मेदारी रेल प्रशासन और केन्द्र सरकार पर है। अचानक एक साथ पूरा कोयला भेजने के कारण सभी यात्री गाड़िया रद्द करनी पड़ रही है। यह केन्द्र सरकार की गलत नीतियों का नतीजा है। प्रदर्शन में शामिल महेश दुबे और देवेंन्द्र सिंह ठाकुर ने कहा कि केन्द्र सरकार ऊर्जा के अन्य श्रोत जैसे सौर ऊर्जा व पवन ऊर्जा का उपयोग बढ़ाये अन्यथा छत्तीसगढ़ में भविष्य में कोई यात्री गाड़ी नहीं चल पायेगी। अभयनारायण राय और रविन्द्र सिंह ने कहा कि यात्री गाड़िया बंद होने से छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था पर गंभीर नुकसान हो रहा है, अतः कम से कम आधी गाड़िया तुरंत चलायी जाये चाहे इसके कारण अन्य राज्यों में 2-4 घंटे की बिजली कटौती करना पड़े। नरेन्द्र बोलर और शेख नजीरूद्दीन ने भी छोटे स्टेशनों पर स्टॉपेज बहाल करने के साथ-साथ यात्री गाड़ियों को पुनः चलाने की मांग की।


छात्र युवा नागरिक रेल्वे जोन संघर्ष समिति ने जानकारी देते हुये बताया कि देश में इस समय 91000 मेंगावाट क्षमता के सौर और पवन ऊर्जा के पावर प्लॉट तथा 24000 मेंगावाट के गैस आधारित पावर प्लॉट लगे हुये है, जिनका कि उपयोग बहुत कम किया जा रहा है। देश की वर्तमान अधिकतम बिजली की मांग 2,10,000 मेगावॉट है जिसमें से आधा हिस्सा बिना कोयले के बनाया जा सकता है परन्तु केन्द्र सरकार ऐसा नही कर रही है।
आज के पुतला दहन कार्यक्रम में सर्वश्री राकेश शर्मा, समीर अहमद, बद्री यादव, राकेश सिंह, मनोज श्रीवास, केशव गोरख, कमलेश दुबे, प्रशांत पाण्डेय, दिलीप साहू, संजय यादव, विनोद जवाहर, अनिल गुलहरे, प्रशांत सिंह और सुदीप श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

The News India 24

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