पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी सेना के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी हालत नाजुक बनी हुई है और वह वेंटिलेटर पर हैं। इस बीच वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने पूर्व राष्ट्रपति के निधन की खबर फैला दी थी। दरअसल, गुरुवार को प्रणब मुखर्जी के निधन को लेकर ट्विटर पर फेक न्यूज चलने लगी।हलाकि वरिष्ठ पत्रकार सरदेसाई ने माफ़ी मांगी है।

सोशल मीडिया पर उनके निधन की अफवाह फैलते ही लोगों में शोक की लहर फैल गई, लेकिन जल्दी ही पता चला की यह राजदीप सरदेसाई की खबर फर्जी थी। देसाई के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने उन्हें ट्रोल कर दिया।

अभिजीत मुखर्जी ने इस खबर का किया खंडन

हालांकि कुछ देर बाद प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने इस खबर का खंडन किया और बताया कि उनके पिता अभी जिंदा हैं। अभिजीत ने मीडिया पर भी निशाना साधते हुए कहा कि ‘भारत में मीडिया फेक न्यूज की फैक्ट्री बन गई है।’ वरिष्ठ पत्रकार राजदीप सरदेसाई ने एक ट्वीट के जरिए प्रणब मुखर्जी के निधन झूठी खबर ट्वीट करने को लेकर माफी मांगी। उन्होंने कहा कि, मुझे एक बार कन्फर्म करना चाहिए था। मैं इस खबर के लिए माफी मांगता हूं।

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की संक्रमित होने की पुष्टि

मुखर्जी (84) को 10 अगस्त को यहां अस्पताल में भर्ती कराया गया था और उनकी मस्तिष्क की सर्जरी की गई थी। इससे पहले कोविड-19 जांच में उनके संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी।