जानकारी के मुताबिक, जल संसाधन विभाग में चौकीदार लरघुराम सिंह साल 2015 में रिटायर्ड हुए थे। इसके बाद से अभी तक ना तो ग्रेच्युटी मिली थी और ना ही पेंशन ही फिक्स हो पाई थी। इसे लेकर उन्होंने विभाग के क्लर्क विनय सिन्हा से संपर्क किया। आरोप है कि इस काम के एवज में 7000 रुपए मांगे।
इस पर लरघुराम ने 3 हजार रुपए दे दिए, लेकिन बाकी की रकम लिए बिना विनय काम को तैयार नहीं था। इस पर रिटायर्ड कर्मचारी के बेटे ने एसीबी में शिकायत की कर दी। जांच में शिकायत को सही मिलने पर एसीबी ने जाल बिछाकर विनय को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।
